Board index BK Section (BKs & New BK students only please) BK Reading Materials, Newsletters, Magazines, Classes 10 10 2013 GYDS SHIVSANDESH OMSHANTI

10 10 2013 GYDS SHIVSANDESH OMSHANTI


Post Thu Oct 10, 2013 1:36 am

Posts: 409
Link with BKs: BK
10 10 2013 GYDS SHIVSANDESH OMSHANTI

यह दुःख का नाटक पूरा हुआ है .. बाबा लेने लिए आये है .. अभी बाबा के पास जाना है .. गृहस्थ व्यवहार में रहते कमल फूल समान पवित्र हो रहना है .. तोड़ जरुर निभाना है .. भगवान राजयोग सिखलाते है .. भारत का धर्म शास्त्र है गीता .. हम है इश्वर से योग रखने वाले .. बाप का बनने से बाप का वर्सा मील जाता है ... गीता का भगवान परमपिता परमात्मा ... उसने ही आदि सनातन देवी देवता धर्म की स्थापन किया ... भारत का देवी देवता धर्म ही मुख्य है ... बाप कहते है तुम बच्चे इस ड्रामा को जान गये हो ... अब यह सारा झाड पुराना हो गया है .. चक्र को फिरना जरुर है .. बुद्धि में यह रखना है --- अब नाटक पूरा हुआ है ... हम जा रहे है ... चलते फिरते उठते बैठते भी याद रहे – अब हमको वापिस जाना है .. मनमनाभव, मध्याजीभव का यही अर्थ है .. परमपिता परमात्मा फिर से कहते है हे बच्चे, देह सहित देह के सब धर्म त्याग अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो तो पाप खत्म होंगे ... मैं तुमको राजयोग सिखलाता हूँ .. गृहस्थ व्यवहार में रहते कमल फूल समना बन मुझे याद करो .. पवित्र रहो .. नोलेज को धारण करो .. बाप ही आकर सद्गति करते है .. सर्वगुण सम्पन, सोले कला सम्पूर्ण .. यह है सद्गति के लक्षण ... शिवबाबा है मनुष्य सुष्टि का बीजरूप .. सदैव पूज्य ... अब वापिस जाना है --- यह याद रहे, इनको ही मनमनाभव, मध्याजीभव कहा जाता है ... बाप घड़ी घड़ी याद दिलाते है – मैं तुमको वापिस ले जाने आया हूँ ... यह है रूहानी यात्रा ... यह भारत होलीएस्ट लैंड है .. सर्व का दुःखहर्ता सुखकर्ता, सबका सद्गति दाता एक ही बाप है .. भारत उनका बर्थ प्लेस है .. वह बाप सबका लिबरेटर है .. उनका यहाँ भारत में बड़े ते बड़ा तीर्थ स्थान है ... ड्रामा के पट्टे पर खड़ा रहना चाहिए, हिलना नही चाहिए ... अब नाटक पूरा होता है .. पढाई ऐसी पढनी है जो उंच पद पा लेवे ..


अपनी विल पावर द्वरा हर एक को विल कराने वाला सर्वश्रेष्ठ सेवाधारी ... सर्व शक्तियों की विल कर सेवा को सम्पन करें वाला फोलो फादर .. एकता एकमत एकाग्रता की शक्ति वाला सहज सफलतास्वरूप ... सम्पूर्ण सद्गति वाला पवित्र पावन पूज्य देवता ..


ज्ञान :- गीता का भगवान परमपिता परमात्मा निराकार, मनुष्य सुष्टि का बीजरूप, गरीब निवाज पतित पावन, दुःखहर्ता सुखकर्ता , सद्गति दाता, लिबरेटर, ज्ञान का सागर, शांति का सागर, आंनद का सागर, ऊँचे ते उंच भगवान, बेहद का बाप से राजयोगी की पढाई पढ़ने वाला .. उंच पद का पुरुषार्थी ... सुख का पुरुषार्थी .. उंच ब्राहमण वर्ण का .. ब्राहमण कुल का .. आस्तिक राजयोगी राजा बच्चा .. योग :- रुहानी यात्रा का रूहानी यात्री .. क्लियर लाइन वाला विजयी .. सर्व शक्तिमान बाप की याद वाला मायाजित ... स्वीट साइलेंस वाली अशरीरी आत्मा .. मनमनाभव स्वरूप मध्याजीभव स्वरूप वाला ड्रामा का एक्टर .. आत्मा समझ बाप को याद करनी वाली देहि ... अब वापिस जाना है ... धारणा :- सबसे तोड़ निभाने वाला बेहद का सन्यासी .. कमलफूल समान पवित्र .. सुख के लिए श्रीमत .. ड्रामा का अचल अडोल अटूट एकरस एक्टर ... माला का दाना .. पूरा वर्सा वाला .. कोटों में कोई विशेष आत्मा .. विश्व का मालिक .. सम्पूर्ण सद्गति वाला सर्वगुण सम्पन, सोले कला सम्पूर्ण, सम्पूर्ण निर्विकारी, मर्यादा पुरुसोत्तम, डबल अहिंसक, डबल ताजधारी राजाओं का राजा .. सेवा :- बाप समान दुःखहर्ता सुखकर्ता ... ज्वालापॉइंट :- सम्पूर्ण सद्गति की पवित्र पावन ज्वाला .. शिवसन्देश :- गृहस्थ व्यवहार में सब से तोड़ निभाते राजयोग की पढाई पढनी है .. सबंध :- परमपिता परमात्मा मातपिता बापदादा बन्धुसखा साथीस्वामी मालिकखुदादोस्त बालकवारिस बापटीचरसतगुरु को याद प्यार नमस्ते और गुड मोर्निग गुड नाईट बाबा ... सर्व सबंध से सर्व स्मुर्तीस्वरूप ... ज्ञान योग धारणा सेवा श्रीमत बैलंस वाला समान सम्पन सम्पूर्ण फरिश्ता ... सुक्रिया बाबा सुक्रिया .. आप का अक्षोनी टाइम सुक्रिया ... मेरे बाबा प्यारे बाबा मीठे बाबा ... मैं आत्मा और मेरा बाबा ही संसार है ... दुसरा ना कोई .. मैं भी बिंदी .. बाप भी बिंदी .. ड्रामा भी बिंदी ... आत्मास्वरूप देवतास्वरूप पूज्यस्वरूप ब्राहमणस्वरूप फरिश्तास्वरूप संतुष्टस्वरूप निर्विघ्नस्वरूप सिद्धिस्वरूप प्राप्तिस्वरूप स्मुर्तीस्वरूप

Return to BK Reading Materials, Newsletters, Magazines, Classes